बेटियों को जन्म से लेकर 21 साल तक सरकार देगी ₹1.50 लाख रुपये, आवेदन शुरू Lado Protsahan Yojana

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राजस्थान सरकार ने बेटियों के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए “लाडो प्रोत्साहन योजना 2025” की शुरुआत की है। इस योजना का मकसद सामाजिक समानता, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है, जिससे बेटियों को बोझ नहीं बल्कि संपत्ति समझा जाए।

कुल 1.5 लाख रुपये की सहायता सीधे खाते में

लाडो योजना के अंतर्गत राज्य सरकार बेटी के जन्म से लेकर 21 वर्ष की आयु तक कुल 1.5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। यह राशि किश्तों में दी जाती है और इसे माता-पिता तथा बालिका के बैंक खाते में DBT के माध्यम से ट्रांसफर किया जाता है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

सात चरणों में जारी की जाएगी आर्थिक किश्तें

यह सहायता राशि कुल सात चरणों में प्रदान की जाती है। शुरुआती छह किश्तें बालिका की पढ़ाई और स्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न उपलब्धियों के आधार पर अभिभावकों के खाते में भेजी जाती हैं, जबकि अंतिम और सबसे बड़ी किश्त बेटी के 21 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर सीधे उसके खाते में ट्रांसफर की जाती है।

सभी वर्गों के लिए खुला अवसर, नहीं है कोई आय सीमा

लाडो प्रोत्साहन योजना का लाभ सभी धर्म, जाति और वर्ग के परिवारों को मिलेगा। योजना में किसी प्रकार की आय सीमा तय नहीं की गई है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्ग के परिवारों को भी भरपूर लाभ मिल सके। केवल यह आवश्यक है कि बालिका राजस्थान की मूल निवासी हो और उसका जन्म मान्यता प्राप्त संस्थान में हुआ हो।

स्वचालित पोर्टल पर होगा लाभार्थियों का पंजीकरण

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि लाभार्थियों को किसी प्रकार के अलग से आवेदन की आवश्यकता नहीं है। जैसे ही बालिका का जन्म सरकारी या निजी अनुमोदित अस्पताल में होता है, उसका विवरण चिकित्सा विभाग के पोर्टल पर स्वचालित रूप से दर्ज हो जाता है, जिससे पात्रता प्रक्रिया तेज और सरल हो जाती है।

पंजीकरण के लिए आवश्यक प्रमाण पत्र और विवरण

गर्भवती महिलाओं का विवरण चिकित्सा विभाग के पोर्टल पर दर्ज किया जाता है। योजना में शामिल होने के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी पोर्टल पर दी जाती है, जिनमें मूल निवासी प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र और बैंक खाता विवरण प्रमुख हैं।

शिक्षा के प्रत्येक स्तर पर मिलेगा वित्तीय प्रोत्साहन

सरकार ने योजना की किस्तों को बालिका की शिक्षा से जोड़ा है, ताकि परिवारों को बच्चियों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जा सके। जन्म के समय ₹2500, 1 वर्ष पर ₹2500, कक्षा 1 में प्रवेश पर ₹4000, कक्षा 6 पर ₹5000, कक्षा 10 में प्रवेश पर ₹11,000, कक्षा 12 में ₹25,000 और 21 वर्ष की आयु पर ₹1 लाख की अंतिम राशि सीधे खातों में ट्रांसफर की जाएगी।

डीबीटी के माध्यम से पारदर्शी भुगतान प्रणाली

लाडो योजना के तहत सभी किस्तों का भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से लाभार्थियों के खाते में किया जाएगा। यह प्रणाली सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए बेहद प्रभावी मानी जाती है।

बालिका शिक्षा और सशक्तिकरण को मिलेगा नया आयाम

राजस्थान सरकार की यह योजना केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बालिका शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को एक नया आयाम देती है। योजना के तहत शिक्षा को एक आर्थिक प्रेरणा से जोड़ा गया है, जिससे स्कूल ड्रॉपआउट दर में गिरावट लाने में मदद मिल रही है।

सामाजिक सोच में बदलाव लाने वाला कदम

लाडो प्रोत्साहन योजना न केवल बेटियों को आर्थिक रूप से समर्थ बनाती है, बल्कि समाज में यह संदेश भी देती है कि बेटी कोई बोझ नहीं, बल्कि भविष्य की निर्माता है। यह योजना राज्य सरकार की ओर से बेटियों के आत्मसम्मान और अधिकारों की दिशा में उठाया गया एक बड़ा और सशक्त कदम है।

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