बीएड और डीएलएड करने वालों के लिए NCTE ने किया बड़ा बदलाव, नया नियम जारी BEd DElEd Rule

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) ने देश में शिक्षक प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 2025 से नए दिशा-निर्देश लागू करने की घोषणा की है। इन बदलावों का सीधा असर B.Ed और D.El.Ed जैसे शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स करने वाले लाखों छात्रों पर पड़ेगा। सरकार का उद्देश्य है कि शिक्षा प्रणाली में व्यावसायिकता और दक्षता दोनों को मजबूती मिले।

अब एक साथ नहीं होंगे B.Ed और D.El.Ed कोर्स

NCTE द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार अब कोई भी छात्र B.Ed और D.El.Ed जैसे दो शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स एक साथ नहीं कर सकेगा। पहले छात्र समय बचाने के उद्देश्य से दोनों कोर्स समानांतर रूप से कर लेते थे, लेकिन इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता प्रभावित होती थी। अब छात्रों को एक समय में केवल एक ही कोर्स पर ध्यान केंद्रित करना होगा, जिससे वे उस पाठ्यक्रम को गहराई से समझ सकें और प्रशिक्षण अधिक प्रभावी बन सके।

छह महीने की इंटर्नशिप होगी अनिवार्य

नए दिशा-निर्देशों में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि B.Ed और D.El.Ed दोनों ही कोर्स में छह महीने की स्कूल-आधारित इंटर्नशिप अब अनिवार्य होगी। यह इंटर्नशिप किसी मान्यता प्राप्त स्कूल में करनी होगी, जिसमें छात्रों को वास्तविक कक्षा में पढ़ाने का अनुभव मिलेगा। इस बदलाव का मकसद छात्रों को केवल किताबों तक सीमित रखने की बजाय, उन्हें शिक्षण कार्य में व्यावहारिक समझ विकसित करने का अवसर देना है।

केवल मान्यता प्राप्त संस्थानों की डिग्री होगी वैध

NCTE ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं संस्थानों से प्राप्त D.El.Ed या B.Ed डिग्री वैध मानी जाएगी जो परिषद से मान्यता प्राप्त हों। बिना मान्यता वाले कॉलेजों से ली गई डिग्रियों को अब अमान्य माना जाएगा। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे किसी भी संस्थान में प्रवेश लेने से पहले उसकी मान्यता, पाठ्यक्रम संरचना और इंटर्नशिप सुविधाओं की पूरी जांच-पड़ताल करें।

ऑनलाइन कोर्स पर रोक, थ्योरी को मिली सीमित छूट

NCTE के अनुसार अब शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स पूरी तरह ऑनलाइन नहीं चल सकेंगे। केवल कुछ थ्योरी मॉड्यूल को ही ऑनलाइन पढ़ाने की अनुमति दी गई है, जबकि इंटर्नशिप, प्रैक्टिकल क्लास और ट्रेनिंग गतिविधियां अनिवार्य रूप से ऑफलाइन माध्यम से ही आयोजित की जाएंगी। इस फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षक प्रशिक्षण में व्यावहारिक पक्ष की अनदेखी न हो और छात्र वास्तविक कक्षा का अनुभव लें।

छात्रों के लिए जारी की गई चेतावनी

परिषद ने छात्रों को सख्त चेतावनी दी है कि वे किसी भी शिक्षण संस्थान में दाखिला लेने से पहले उसकी मान्यता की स्थिति की जांच करें। ऐसे कई संस्थान हैं जो बिना अनुमोदन के शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स चला रहे हैं, जिनसे डिग्री लेने से छात्रों का करियर संकट में पड़ सकता है। NCTE ने विद्यार्थियों से अपील की है कि वे किसी भी शॉर्टकट को अपनाने से बचें और केवल अधिकृत संस्थानों से ही कोर्स करें।

शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता सुधार की दिशा में अहम कदम

NCTE के नए दिशा-निर्देश न केवल पाठ्यक्रम की गुणवत्ता बढ़ाएंगे, बल्कि देशभर के स्कूलों में बेहतर प्रशिक्षित शिक्षक भी उपलब्ध कराएंगे। यह पहल भविष्य की पीढ़ी को एक बेहतर शैक्षणिक वातावरण देने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है – ऐसे शिक्षक तैयार करना जो न सिर्फ डिग्रीधारी हों, बल्कि व्यावहारिक और नैतिक रूप से भी पूरी तरह दक्ष हों। यह बदलाव देश की समग्र शिक्षा प्रणाली को मजबूत करेगा।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Leave a Comment

WhatsApp Group