मध्यप्रदेश की महिलाओं के लिए एक और बड़ी राहत की घोषणा की गई है। लाडली बहना योजना से जुड़ी महिलाओं को अब सरकार की ओर से पक्का मकान देने की शुरुआत हो चुकी है। इसके लिए पात्र महिलाओं की सूची जारी कर दी गई है और उन्हें घर निर्माण के लिए ₹1.20 लाख तक की राशि दी जाएगी।
अब पक्का घर बनेगा लाडली बहनों के नाम
लाडली बहना आवास योजना के तहत जिन महिलाओं के पास अब तक पक्का घर नहीं है और वे योजना की पात्रता को पूरा करती हैं, उन्हें सरकारी सहायता से दो कमरे का पक्का मकान मिल सकेगा। इससे महिलाओं को सिर्फ आर्थिक सुरक्षा ही नहीं, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण का अवसर भी मिलेगा।
योजना के तहत मिलेगा ₹1.20 लाख तक का अनुदान
राज्य सरकार ने इस योजना में प्रत्येक पात्र महिला को ₹1.20 लाख तक की राशि देने का निर्णय लिया है। कुछ रिपोर्टों में यह राशि ₹1.40 लाख तक भी हो सकती है। यह राशि सीधे महिला के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे और महिला अपने नाम से मकान बनवा सके।
किन महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ?
लाडली बहना आवास योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो पहले से लाडली बहना योजना में शामिल हैं, मध्यप्रदेश की मूल निवासी हैं, कच्चे घरों में रहती हैं और जिन्हें पहले पीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। साथ ही उनके नाम से पहले से स्वीकृत और वेरिफाइड आवेदन होना जरूरी है।
योजना का मुख्य उद्देश्य है महिलाओं को सशक्त बनाना
इस योजना का मुख्य मकसद ग्रामीण इलाकों में रहने वाली कमजोर वर्ग की महिलाओं को पक्का घर देकर उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने की सुविधा देना है। इससे वे सुरक्षित रह सकेंगी और भविष्य के लिए आत्मनिर्भर बनेंगी। सरकार इस पहल को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम मान रही है।
5 लाख महिलाओं के नाम लिस्ट में शामिल
राज्य सरकार ने बताया है कि पहले चरण में लगभग 5 लाख महिलाओं को योजना का लाभ मिलेगा। इन सभी के नाम आधिकारिक सूची में शामिल किए जा चुके हैं और आगे आने वाले चरणों में और भी नाम जोड़े जाएंगे। इससे योजना का दायरा लगातार बढ़ाया जाएगा।
लिस्ट में नाम कैसे करें चेक?
लाडली बहना आवास योजना की लिस्ट देखने के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा, जहां “बेनिफिशियरी लिस्ट” विकल्प पर क्लिक करके जिले, ब्लॉक और ग्राम पंचायत के अनुसार सूची देखी जा सकती है। इसमें महिला या उसके पति का नाम डालकर कैप्चा कोड भरने के बाद सूची से नाम की पुष्टि की जा सकती है।
बिना इंटरनेट के भी देख सकते हैं नाम
जिन महिलाओं के पास इंटरनेट या स्मार्टफोन की सुविधा नहीं है, वे अपने गांव के जनसेवा केंद्र, ग्राम सचिवालय या पंचायत कार्यालय से भी सूची देख सकती हैं। वहां संबंधित अधिकारियों से सहायता लेकर वे यह जान सकती हैं कि उनका नाम सूची में है या नहीं।
अगस्त से शुरू होगा मकान निर्माण कार्य
सूत्रों के अनुसार, सरकार ने योजना के पहले चरण की सूची जारी कर दी है और अगस्त 2025 से मकान निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जिन महिलाओं का नाम सूची में है, उन्हें उसी समय से राशि ट्रांसफर की जानी शुरू हो जाएगी और काम चरणबद्ध रूप से पूरा किया जाएगा।
अगर नाम नहीं आया तो घबराएं नहीं, ये करें
यदि किसी महिला का नाम सूची में नहीं आया है लेकिन उसने पहले आवेदन किया था, तो वह ग्राम पंचायत सचिव, जन सेवा केंद्र या संबंधित पोर्टल पर जाकर आवेदन की स्थिति जांच सकती है। वहीं शिकायत दर्ज कराने और फीडबैक देने के लिए टोल फ्री नंबर भी उपलब्ध रहेंगे।